आज पूज्य आचार्य अग्निव्रत नैष्ठिक जी ने राजभवन में महामहिम राज्यपाल जी से भेंट की। भेंट के दौरान महामहिम राज्यपाल जी की वेद सम्बन्धी अनेक जिज्ञासाओं का आचार्य जी ने समाधान किया तथा विस्तार से समझाया कि यह ग्रन्थ कैसे संसार के भौतिक वैज्ञानिकों को एक नई एवं क्रांतिकारी दिशा दे सकता है। जिस पर उन्होंने वेदविज्ञान-आलोक: ग्रन्थ की और आचार्य जी के परिश्रम की भूरिशः प्रशंसा की। उन्होंने माननीय प्रधानमंत्री श्रीमान् नरेंद्र मोदी जी से मिलने का सुझाव दिया। इसके साथ ही राजस्थान की मुख्यमंत्री माननीया श्रीमती वसुंधरा राजे जी से भी मिलने का सुझाव दिया। आचार्य जी ने महामहिम जी से निवेदन किया कि वैदिक विज्ञान को राजस्थान के विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में सम्मिलित करवाने का प्रयास करें। राज्यपाल महोदय ने इस ग्रन्थ को विश्वविद्यालयों के संस्कृत और भौतिक विज्ञान विभाग को भेजने का सुझाव दिया। राजभवन के वरिष्ठ अधिकारी भी इस ग्रन्थ को लेकर काफी उत्सुक दिखे। इस अवसर पर राजस्थान के माननीय लोकायुक्त महोदय के प्रधान सचिव डॉ. पदम कुमार जी जैन, इस ग्रन्थ के संपादक एवं आचार्य जी के शिष्य विशाल आर्य, सेवानिवृत्त कर्नल पूरन सिंह जी राठौड़, जयपुर एवं जितेंद्र सिंह जी सिसोदिया, कुचामन सिटी उपस्थित रहें।


पारस सोलंकी, सोशल मीडिया सहायक

श्री वैदिक स्वस्ति पन्था न्यास (वैदिक एवं आधुनिक भौतिकी शोध संस्थान)

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